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शुक्रवार, 7 मई 2021

गेहूं खरीद केंद्र पर किसानों का हो रहा शोषण : जिम्मेदार बने मुक दर्शक

जालौन - प्राप्त जानकारी के मुताबिक जालौन स्थित नवीन गल्ला मंडी में कुल 11 सरकारी गेहूं खरीद केन्द्र संचालित हो रहे हैं। इन खरीद केन्द्रों पर किसानों से खुले आम सुविधा शुल्क के नाम पर उनका शोषण किया जा रहा है। सुविधा शुल्क ने देने पर किसान क्रय केन्द्रों पर गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है तथा उन्हें परेशान किया जा रहा है ।जालौन - प्राप्त जानकारी के मुताबिक जालौन स्थित नवीन गल्ला मंडी में कुल 11 सरकारी गेहूं खरीद केन्द्र संचालित हो रहे हैं। इन खरीद केन्द्रों पर किसानों से खुले आम सुविधा शुल्क के नाम पर उनका शोषण किया जा रहा है। सुविधा शुल्क ने देने पर किसान क्रय केन्द्रों पर गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है तथा उन्हें परेशान किया जा रहा है । केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए किसान को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए मंडी में सरकारी गेहूं खरीद केन्द्र संचालित है। लेकिन नवीन गल्ला मंडी स्थित सरकारी क्रय केन्द्र संचालक मनमर्जी पर उतारू है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा छनाई व पल्लेदारी के लिए 20 रूपए प्रति कुंतल से देने का नियम है। सरकार द्वारा पल्लेदारी के लिए निर्धारित 20 रूपए के स्थान पर 60-80 रूपए प्रति कुंतल किसानों से वसूल किया जा रहा है। जो किसान सुविधा शुल्क देने में आनाकानी करते है या नियमों का हवाला देते हैं। उन किसानों के गेहूं में नमी ज्यादा होने की बात कह कर भगा दिया जाता है। क्रय केन्द्रों पर खुलेआम वसूली हो रही है तथा यह सिलसिला लगातार एक माह से चल रहा है। प्रशासन द्वारा किसानों के हितों के मामले में बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन यह मामला प्रकाश में आने से प्रशासन के सभी दावों की पोल खुलती हुई नजर आ रही है । और यह मामला समग्र नगर में एवं आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है । अब देखना यह है कि प्रशासन इस समग्र मामले में प्रशासन द्वारा क्या कोई जांच कराई जाएगी जांच में दोषी पाए जाने के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई करता भी है या नहीं या फिर मामले को यूं ही रफा-दफा कर दिया जाएगा । आखिर जो भी होगा वह आने वाला वक्त ही बताएगा।

वैकल्पिक तस्वीर - अमर उजाला



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