उत्तर प्रदेश - उत्तर प्रदेश में लोक डाउन के फैसले के बाद कोरोना संक्रमण की दर लगातार कम हो रही है । लेकिन निजी अस्पतालों की शिकायतें अभी बरकरार हैं। इलाज के नाम पर अधिक वसूली और जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी की शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार चेतावनी दे रहे हैं।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कोरोना प्रबंधन की समीक्षा बैठक में कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन सहित किसी भी जीवनरक्षक दवा की कालाबाजारी में संल्पित लोगों के खिलाफ एनएसए जैसे कठोर कानून के तहत कार्रवाई की जाए। यदि इन गतिविधियों में किसी मेडिकल या पैरामेडिकल स्टाफ की संलिप्तता हो तो उसकी प्रोफेशनल डिग्री को निलंबित भी किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदाकाल में कुछ निजी अस्पतालों द्वारा कोविड संक्रमित मरीजों से इलाज के नाम पर अधिक वसूली की शिकायतें मिल रही हैं। यह व्यवस्था का उल्लंघन तो है ही, मानवता के विरुद्ध भी है। सभी जिलों में ऐसी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए। शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेते हुए इनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए।
कोविड से मौत का मृत्यु प्रमाण पत्र पर भी हो उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोविड और नॉन कोविड मरीजों के निधन के बाद उनके स्वजन को मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कठिनाई न हो। यदि मृत्यु कोरोना संक्रमण से हुई है तो मृत्यु प्रमाण-पत्र पर स्पष्ट उल्लेख किया जाए। इस संबंध में आवश्यकतानुसार शासनादेश भी जारी कर दिया जाए।

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