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गुरुवार, 25 मार्च 2021

संविदा पर नौकरी लगवाने के नाम पर लेते थे लाखों रुपए , सामने आया बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा

जालौन। कोरोना की कहर के कारण बेरोजगारी बढ़ गई है लोग नौकरी का नाम सुनते ही दौड़े चले आते हैं ।इसी का फायदा कुछ अराजक तत्व उठा रहे वह बेरोजगार लोगों को संविदा पर नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपए लेते हैं । ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के जालौन मैं देखने को मिला है । मिल रही जानकारी के मुताबिक जालौन के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर यशवीर सिंह के मार्गदर्शन पर उरई कोतवाल विनोद कुमार पांडे सराहनीय कार्य कर रहे। उरई कोतवाल का चार्ज लेने के बाद उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि नशा, जुआ, सट्टा अपने क्षेत्र में किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। ईमानदारी तेजतर्रार से कार्य करती हुई उरई पुलिस, साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बेरोजगार युवक-युवतियों को संविदा पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 3 लोगों को गिरफ्तार किया। जिनके पास से तीन मोबाइल वा प्रपत्र बरामद हुए।




इस पूरे मामले का खुलासा अपर पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने उरई कोतवाली में किया। उन्होंने बताया कि एक अभियुक्त को उरई घर से वही दो साथियों को कोंच बस स्टैंड से गिरफ्तार किया और उन्होंने इस बात को कुबूल कि फर्जी पत्र, फर्जी कागजात जारी करते हुए लोगों की फर्जी नौकरी लगाने के नाम पर उनसे ठगी करते थे और उन तीनों के अलावा कई लोग उनके गिरोह के सहयोगी थे। लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि हम लोग फर्जी नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए की ठगी करते हैं।


गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों की जानकारी

 गिरफ्तार तीनों अभियुक्त के नाम सनोज कुमार पुत्र राम जीवन निवासी ग्राम खमरिया दसमी की बारी थाना औरैया जिला भदोही, राहुल उर्फ प्रियांशु पुत्र जयराम निवासी झांसी रोड उरई, राजकुमार पुत्र अज्ञात निवासी चकेरी रोड कानपुर है। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक शिवकरन वर्मा, उपनिरीक्षक रामप्रकाश यादव प्रभारी साइबर सेल कॉन्स्टेबल आलोक कुमार, कांस्टेबल सुशांत मिश्रा साइबर सेल, आशुतोष गौतम, कॉन्स्टेबल प्रदीप कुमार , कांस्टेबल आशुतोष सिंह आदि लोग शामिल रहे नहीं खुलासा करने वाली टीम को पुलिस अधीक्षक द्वारा 5000 का नगद पुरस्कार दिया गया।

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