लखनऊ- जैसे की आप सभी को पता है कि दिन प्रतिदिन कोरोना की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या बहुत ही तेजी से बढ़ रही है । सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास एवं सतर्कता के लिए दिए जा रहे निर्देश नाकाफी साबित हो रहे हैं। लखनऊ में हालात इस कदर बेकाबू हो गए हैं कि लोगों को अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट के बाहर 10 से 12 घंटों का इंतजार भी करना पड़ रहा है। इन सब मामलों को देखते हुए बीते कल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य सरकार को पूर्ण लॉकडाउन लगाने पर विचार करने के दिशा निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजित कुमार की खंडपीठ ने सरकार को आदेश दिए हैं कि, प्रभावित नगरों एवं राज्य सरकार को दो या तीन हफ्तों के लिए पूर्ण लॉकडाउन लगाने पर विचार करना चाहिए। एवं प्रदेश सरकार को कांटेक्ट ट्रेसिंग, एवं ट्रीटमेंट योजनाओं में तेजी लाने के लिए भी निर्देश दिए ।
1- सरकार को चाहिए कि खुले मैदान में अस्थाई अस्पताल बनाकर कोरोना से पीड़ित मरोई मरीजों की इलाज की व्यवस्था की जाए।
2-अगर जरूरी हो तो संविदा पर स्टाफ तैनात करके लोगों को इलाज एवं बेहतर सुविधा मुहैया कराई जाए
3- हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार सुनिश्चित करें बिना मास्क कोई भी घर से बाहर ना निकले , अन्यथा कोर्ट पुलिस के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही होगी
4- सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों में 50 व्यक्तियों से अधिक एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगाया जाए
5-जरुरी दवाओं की जमाखोरी करने या ब्लैक मार्केटिंग करने वालों पर सख्ती करने का भी निर्देश
6- नाइट पार्टी एवं नवरात्रि या रमजान में धार्मिक भीड़ तक सीमित ही हो
7- कोर्ट ने कहा दिन मे भी गैर जरूरी यातायात को नियंत्रित किया जाये
8- कोर्ट ने कहा कि जीवन रहेगा तो दोबारा से अर्थ व्यवस्था भी दुरूस्त हो जायेगी
9- जब आदमी ही नहीं रहेंगे तो विकास का क्या अर्थ,रह जायेगा
10- कोर्ट ने कैन्टोनमेन्ट जोन को अपडेट करने तथा रैपिड फोर्स को चौकन्ना रहने का दिया निर्देश
11- कोर्ट ने कहा हर 48 घंटे में जोन का सेनेटाइजेशन किया जाये
12- यू पी बोर्ड की आनलाइन परीक्षा दे रहे छात्रों की जांच करने पर बल दिया जाये
13 - कोर्ट ने एस पी जी आई लखनऊ की तरह स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में कोरोना आई सी यू बढाने व सुविधाए उपलब्ध कराने का दिया निर्देश
14- कोर्ट ने राज्य व केन्द्र सरकार को ऐन्टी वायरल दवाओं के उत्पाद व आपूर्ति बढाने का दिया निर्देश
15-कोर्ट ने 19 अप्रैल को डीएम व सीएमओ प्रयागराज को कोर्ट में हाजिर रहने का दिया निर्देश
हाईकोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 19 अप्रैल को सचिव से हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए आगे कहा कि नदी में जब तूफान आता है तो बांध उसे रोक नहीं पाते
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमें अपने प्रयास करने छोड़ देनी चाहिए फिर भी हमे कोरोना संक्रमण को रोकने के प्रयास करने चाहिए।

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